घरौंदा
-किरण अरविन्द खोडके चूं-चूं करतें शोर मचाते।खेल रहे थे, घरौंदे में।कभी वो उपर, कभी वो नीचे।उड़ने को तैयार…
-किरण अरविन्द खोडके चूं-चूं करतें शोर मचाते।खेल रहे थे, घरौंदे में।कभी वो उपर, कभी वो नीचे।उड़ने को तैयार…
-शकुंतला कालिया हरी भरी ये धरा हमारी,,सुंदर और प्राणोंसे भी प्यारी।नदियां गातीमीठा गान,,देतीं जीवन को, पहचान।बूंद बूंद इसकी,,…
-डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव पौधारोपण करते जाएं,आओ पर्यावरण बचाएं… वसुधा पर हरियाली लाएं,बदलें हम तस्वीर धरा की,पशुओं को जीवन…
-सुमीत नायर धरती पर बिछी हो हरित चादर,उड़ते आँचल सा नीला अम्बर। पौधों से भरा हुआ हो हर…
-निरुपमा खरे उड़ने वाला, पंखदाररुई से कोमल, नन्हें रेशेदार पंख लिएउड़ता फिरता हूं, हवा के झोंके के साथकभी…
-शेफालिका श्रीवास्तव आओ पर्यावरण बचायें,वृक्षा रोप खुशहाली लायें। फैल रहा है खूब प्रदूषण,काट रहा मानव जंगल वन।हो रहा…
– कल्पना विजयवर्गीय एक घना पेड़, पूरे पंख फैलाए, स्वच्छंद लहराए,पेड़ की निश्छल छांव में, गरीब चार ठेले…
– बिन्दु त्रिपाठी मैं धरा का हार हूँ,प्रकृति का श्रृंगार हूँ।मत करो नफ़रत मुझसे,मैं तुम्हारा प्यार हूँ।प्यार से…
– बलजीत सलूजा हरियाली सिमट रही धरा कीप्राणवायु कम, ताप अपार ,वृक्ष कटे ताल भी सूखेऋतुचक्र असंतुलित आज,मानव…
– मनोरमा श्रीवास्तव हिमाच्छादित श्वेत पर्वतों की सर्द हवाएं,कोहरे की ओढ़े चादरउनींदी सी लगी प्रकृति, झीलों झरनों नदियों…