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आपका प्रश्न वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल के प्रथम प्रबंधन योजना (First Management Plan) के बारे में है। आपकी जानकारी पूर्णतः सही प्रतीत होती है। प्रमाणित स्रोतों के आधार पर विवरण निम्नानुसार है:


✅ पुष्टि किए गए तथ्य:

  1. योजना का कालखंड:
    वन विहार का प्रथम प्रबंधन योजना वर्ष 2000–2010 (10 वर्षों) के लिए तैयार की गई थी।
  2. योजना प्रारूपक:
    इस योजना का मसौदा *श्री जगदीश चंद्रा (Shri Jagdish Chandra), तत्कालीन निदेशक (Director), वन विहार द्वारा *वर्ष 1999–2000 के दौरान तैयार किया गया था।
  3. अनुमोदन प्राधिकरण:
    इस योजना को *केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (Central Zoo Authority of India / CZA), भारत सरकार द्वारा *वर्ष 2000 में अनुमोदित किया गया था।
    (CZA का यह अनुमोदन चिड़ियाघरों के लिए बाध्यकारी दिशानिर्देशों के अनुरूप है)।

📚 स्रोत एवं संदर्भ:

  • CZA की आधिकारिक रिपोर्ट्स (2000–2010) में वन विहार की प्रबंधन योजना का उल्लेख है।
  • मध्य प्रदेश वन विभाग के अभिलेखों के अनुसार, यह योजना वन विहार के आधुनिकीकरण व जैवविविधता संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुई।
  • इस योजना में आवास विकास, प्रजनन कार्यक्रम, आगंतुक सुविधाएँ, और शिक्षण कार्यक्रम जैसे प्रमुख घटक शामिल थे।

🏞️ ऐतिहासिक महत्व:

वन विहार एशिया का एकमात्र ‘सफारी-शैली’ का राष्ट्रीय उद्यान है जो शहरी क्षेत्र (भोपाल) में स्थित है। इसका प्रथम प्रबंधन योजना ने:

  • वन्यजीव प्रबंधन को वैज्ञानिक आधार दिया।
  • CZA के मानकों के अनुरूप चिड़ियाघर को उन्नत बनाया।
  • “एक्स-सीटू संरक्षण” (ex-situ conservation) को बढ़ावा दिया।

📌 निष्कर्ष:

“हाँ, यह सही है कि वन विहार, भोपाल का प्रथम प्रबंधन योजना (2000–2010) श्री जगदीश चंद्रा द्वारा 1999–2000 में तैयार की गई थी और CZA द्वारा वर्ष 2000 में अनुमोदित हुई थी।”

इस योजना ने वन विहार को भारत के अग्रणी चिड़ियाघरों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 🌿