भोपाल

भोपाल में विश्व संवाद केंद्र के सभागार में हिन्दी लेखिका संघ, मध्यप्रदेश द्वारा ‘पर्यावरण’ विषय पर एक विशेष काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 50 साहित्यकारों और कवयित्रियों ने भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण तथा सतत जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर प्रस्तुत कविताओं और रचनाओं के माध्यम से प्रकृति संरक्षण, घटते वन क्षेत्र, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय संतुलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को रेखांकित किया गया। प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और हरित भविष्य सुनिश्चित करना सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान केवल विचार-विमर्श से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर ही संभव है।
कार्यक्रम में उपस्थित पर्यावरण विशेषज्ञों और साहित्यकारों ने विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग को पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों से जुड़ने का संदेश दिया।
Source: Swadesh ePaper – Today’s Hindi Newspaper Online

