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Category: Nature Poetry

Nature Poetry

मध्यप्रदेश के जंगल

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अब्दुल बारी अगर जोश-ए-बहारां देखना है,कुछ कुदरत का करिश्मा देखना है,गर देखना है, तुमको छटा निराली,तो प्यारों मध्यप्रदेश…

Nature Poetry

आग्रह…. एक वृक्ष का

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रामशंकर पाटिल मैं भी आपकी ही तरह,परमेश्वर का पुत्र हूँ,औरआप ही की तरह,मेरा भी अपना परिवार व समाज…

Nature Poetry

प्रकृति रहती निःशब्द

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– कमल चंद्रा प्रकृति रहती निःशब्दकरती रहती वह अपने कामअनवरत बिना रुके और बिना थकेसृष्टि चलती निःशब्दचाँद –…

Art & Stories

पर्यावरण बचाऐं

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धरती का सौंदर्य प्रकृति का सबसे अद्भुत नजारा । हवा, पानी और सूरज ने मिलकर इसका रूप संवारा…

Nature Poetry

सतपुड़ा के पर्णपाती वन

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ओ, सतपुड़ा के पर्णपाती वन, वृक्ष तुम्हारे क्यों है उन्मन। परस्पर करते प्रतिस्पर्धा, चाह उनकी छू ले गगन…