Nature Poetry
मध्यप्रदेश के जंगल
अब्दुल बारी अगर जोश-ए-बहारां देखना है,कुछ कुदरत का करिश्मा देखना है,गर देखना है, तुमको छटा निराली,तो प्यारों मध्यप्रदेश…
अब्दुल बारी अगर जोश-ए-बहारां देखना है,कुछ कुदरत का करिश्मा देखना है,गर देखना है, तुमको छटा निराली,तो प्यारों मध्यप्रदेश…
-शाहबाज़ अहमद थोड़ी सी देर में ही मुकद्दर बदल गया,लौटा जो अपने गाँव तो मंज़र बदल गया। न…
रामशंकर पाटिल मैं भी आपकी ही तरह,परमेश्वर का पुत्र हूँ,औरआप ही की तरह,मेरा भी अपना परिवार व समाज…
– कमल चंद्रा प्रकृति रहती निःशब्दकरती रहती वह अपने कामअनवरत बिना रुके और बिना थकेसृष्टि चलती निःशब्दचाँद –…
धरती का सौंदर्य प्रकृति का सबसे अद्भुत नजारा । हवा, पानी और सूरज ने मिलकर इसका रूप संवारा…
ओ, सतपुड़ा के पर्णपाती वन, वृक्ष तुम्हारे क्यों है उन्मन। परस्पर करते प्रतिस्पर्धा, चाह उनकी छू ले गगन…