-शेफालिका श्रीवास्तव
आओ पर्यावरण बचायें,
वृक्षा रोप खुशहाली लायें।
फैल रहा है खूब प्रदूषण,
काट रहा मानव जंगल वन।
हो रहा कमजोर है तन-मन,
प्रकृति है अनमोल रतन धन॥
तो आओ पर्यावरण बचाये,
वृक्षा रोप खुशहाली लाये।
पॉलीथिन हम रखना छोड़ें,
जूट बैग, कपड़ा अपनाये।
कूड़ा-करकट फैलाना छोड़े,
वातावरण को स्वच्छ बनाये॥
आओ पर्यावरण बचाये,
वृक्षा रोप खुशहाली लाये।
मोटर का पी यू सी करवायें,
धूँआ उनका ना फैलाये।
विद्युत चालित वाहन अपनाये,
साइकिल को भी कुछ अजमाये॥
आओ पर्यावरण बचाये,
वृक्षारोपण कर खुशहाली लाये।
प्रकृति का हम करें सम्मान,
पर्यावरण का रखें हम ध्यान।
हमको प्रकृति पर है अभिमान,
इसीलिये चला रहे अभियान॥
तो आओ पर्यावरण बचाये,
वृक्षारोपण कर खुशहाली लाये।
कभी-कभी ही नहीं सदा,
पर्यावरण दिवस मनायें।
मिलजुल कर पेड़ लगाये,
धरती का सौंदर्य बढ़ायें॥

साहित्यकार

