– चित्रा चतुर्वेदी
आओ मिलजुल वृक्ष लगायें
कदम कदम हरियाली पायें
वृक्षों से ऑक्सिजन मिलती
जिससे हम सब सांस ले पायें
CO2 सहज के रखते
ग्लोबल वार्मिंग कम हैं करते
मृदा अपरदन हो ना पाये
तापमान नियंत्रित हो जाए
जड़ से हम सीखे बंध जाना
हर रिश्ते को सहज के रखना
तना सदा ये सीख है देता
सीधे सदा खड़े ही रहना
डाली डाली यही सिखाती
हरदम मिलजुल कर ही रहना
पती को जब जब हम देखें
गजब ताजगी से भर जाते
फूल सिखाता हमे मुस्काना
कभी नही हमको घबराना
फल तो देता हमको ज्ञान
सदा झुको तो बनो महान
जैसे पेड़ सभी को देता
हम भी सबको देते जायें
जग में ऊँचा नाम कमाये

साहित्यकार

